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सविंधान संशोधन की प्रक्रिया

भारतीय संविधान का भाग 3 तथा अनुच्छेद 368 संसद को संविधान में संशोधन करने की शक्ति देता है।
नोट :- वर्तमान में केशवानन्द भारती मामले 1973 के बाद संसद पर कुछ प्रतिबंध आरोपित किये गए है ।
संसद संविधान के मूल ढांचे में परिवर्तन नही कर सकती ।

भारतीय संविधान में 3 तरीके से संशोधन किए जा सकते है।
a- सामान्य बहुमत से
b- विशेष बहुमत से ( सदन की कुल सदस्य संख्या के बहुमत तथा उपस्थित व मतदान करने वालों के दो तिहाई बहुमत से )
c- विशेष बहुमत से तथा आधे से अधिक राज्यों की सहमति से।

अनुच्छेद 368 में सविंधान संशोधन की प्रक्रिया का उल्लेख है जिसके तहत सविधान में दो तरीके से संशोधन होता है।
ऊपर दिए गए तरीकों के b व c ।
सामान्य बहुमत से होने वाले संशोधन का उल्लेख अनुच्छेद 368 में नही है ।
अनुच्छेद 368 की प्रक्रिया का पालन करते हुए यदि सविंधान में संशोधन किया जाय तो ही उन्हें संविधान संशोधन के रूप में गिना जाता है ।


संविधान में संशोधन की प्रक्रिया :-
1 :- यह प्रस्ताव संसद के किसी भी सदन में रखा जा सकता है  परन्तु राज्य विधानमंडल में नही रखा जा सकता।
2:- मंत्री या गैर सरकारी सदस्य दोनो ही इसको प्रस्तुत कर सकते है ।
3:- राष्टपति से पूर्व अनुमति की आवश्यकता नही है ।
4:- दोनो सदनों से विशेष बहुमत से पारित करवाना अनिवार्य ।
5:- दोनो सदनों से अलग अलग पारित होने अनिवार्य ।
6:- दोनो सदनों में असहमति होने पर संयुक्त बैठक का प्रावधान नही है ।
7:- यदि संशोधन विधेयक संविधान की संघीय व्यवस्था में परिवर्तन से संबंधित होने पर इसमें आधे से अधिक राज्यो के विधानमंडल से भी सामान्य बहुमत से पारित होना आवश्यक ।
8:- पारित होने पर राष्ट्रपति के पास सहमति के लिए भेजा जाता है । राष्ट्रपति सहमति देने हेतु बाध्य । वह इसको न तो पुनर्विचार के लिए दे सकता है और न ही जेबी वीटो का प्रयोग कर सकता है ।

साधारण बहुमत से होने वाले संशोधन :-
1:- नए राज्यो का प्रवेश ।
2:- संसद में गणपूर्ति ।
3:- पँचवी अनुसूचि - अनुसूचित क्षेत्रों व अनुसूचित जनजातियों के प्रशासन ।
4:- छठी अनुसूचि - जनजातिय क्षेत्रों का प्रशासन ।
5:- केंद्र शासित प्रदेश ।
6:-राजभाषा से संबंधित ।
7:- संसद में अंग्रेज़ी भाषा का प्रयोग ।
8:- संसद में प्रकिया नियम ।
9:- संसद सदस्यों के वेतन और भत्ते ।
10:- राज्य विधान परिषद का निर्माण और उसको समाप्त करना ।
11:- दूसरी अनुसूचि से सम्बंधित परिवर्तन ।
12:- नए राज्यो का निर्माण , उनके नाम मे परिवर्तन , सीमा में परिवर्तन इत्यादि ।
13:- निर्वाचन क्षेत्रों का पुनर्निर्माण ।
14:- नागरिकता से सम्बंधित । इत्यादि।

विशेष ओर आधे से अधिक राज्यो की सहमति से होने वाले परिवर्तन:-
1:- राष्ट्रपति का निर्वाचन व इसकी प्रक्रिया ।
2:- उच्चतम व उच्च न्यायालय से सम्बंधित प्रावधान ।
3:- 7वी अनुसूचि से सम्बंधित प्रावधान ।
4:- संसद में राज्यों का प्रतिनिधित्व ।
5:- केंद व राज्यों के मध्यम विधायी शक्तियों का विभाजन ।
6:- केंद ओर राज्य की कार्यपालिका की शक्ति का विस्तार ।
7:- स्वयं अनुच्छेद 368 में परिवर्तन ।

नवीन संविधान संशोधन :-
a):- 100 वाँ संविधान संशोधन :- यह 119 वाँ सविंधान संशोधन विधेयक था जो 100 वाँ संविधान संशोधन अधिनियम बना । यह भारत और बांग्लादेश देश के बीच हुए लैंड बाउंड्री समझौते के कियान्वयन से संबंधित है ।
b):- 101 वाँ संविधान संशोधन :- यह 122 वाँ संविधान संशोधन विधेयक था जो 101 वाँ संविधान संशोधन अधिनियम बना । यह वस्तु ओर सेवा कर से संबंधित है ।
c):- 102 वाँ संविधान संशोधन :- यह 123 वाँ संविधान संशोधन विधेयक था जो 102 वाँ संविधान संशोधन अधिनियम बना । यह राष्टीय पिछड़ा वर्ग आयोग से सम्बंधित है ।
d):- 103 वाँ संविधान संशोधन :- यह 124 वाँ संविधान संशोधन विधेयक था जो 103 वाँ संविधान संशोधन अधिनियम बना । यह आर्थिक आधार पर सामान्य वर्ग को शैक्षणिक संस्थान ओर रोजगार में 10% आरक्षण देने से सम्बंधित है ।

हाल ही में जम्मू कश्मीर से संबंधित एक अन्य संशोधन विधेयक प्रस्तुत किया गया है जो अनुच्छेद 370 ओर 35 A में परिवर्तन से सम्बन्धित है ।

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