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राजस्थान के लघु उद्योग भाग 2

(1) मटके, सुराही :- रामसर बीकानेर
(2) ब्ल्यू पॉटरी :- नेवटा सांगानेर , जयपुर
(3) सुनहरी टेरेकोटा :- बीकानेर
(4) हरि मेथी :- नागौर
(5) हेण्डटूल्स :- नागौर
(6) गुलाब के फूल और गुलकंद :- पुष्कर
(7) चैती गुलाब :- पुष्कर
(8) पिछवाई :- नाथद्वारा
(9) ऊनी बरड़ ,पट्टू और लोई :- जैसलमेर
(10) पाव रजाई :- जयपुर
(11) मदुरिया व कोटा डोरिया :- कैथून कोटा और मांगलोर बांरा
(12) लहरिया ओर पोमचा :- जयपुर
(13) अरजख और मलीर प्रिंट :- बाड़मेर
(14) सूंघनी नसवार :- ब्यावर
(15) हाथी दांत और चंदन पर खुदाई व पेंटिंग :- जयपुर
(16) गलीचे :- जयपुर , बीकानेर
(17) मीनाकारी और कुंदन का काम :- जयपुर
(18) पेपरमेशी या कुट्टी का काम :- जयपुर , उदयपुर
(19) स्टील और वुडन फर्नीचर :- बीकानेर और चित्तौड़गढ़
(20) शीशम का फर्नीचर :- हनुमानगढ़ ओर गंगानगर
(21) तारकशी के आभूषण :- नाथद्वारा
(22) नमदे और दरियाँ :- टोंक
(23) पेचवर्क ओर चटापटी का काम :- शेखावाटी
(24) जस्ते को मूर्तियाँ ओर वस्तुएं :- जोधपुर
(25) दरियाँ :- टांकला नागौर
(26) पीतल पर नक्काशी और मुरादाबादी काम :- जयपुर
(27) मिट्टी के खिलौने :- मोलेला नाथद्वारा और बस्सी चित्तौड़गढ़
(28) चुनरी :- जोधपुर
(29) लकड़ी के झूले :- जोधपुर
(30) लाख का काम :- जयपुर
(31) कोफ्तगिरी ओर तहनिशां का काम :- जयपुर
(32) कपड़ो पर मिरर वर्क :- जैसलमेर

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