अशोक केवल भारत का ही नहीं विश्व का महालय पर शा। इस कार को लवेक्षण कोजिए।

अशोक केवल भारत का ही नहीं विश्व का महालय पर शा। इस कार को लवेक्षण कोजिए। Ashoka was one of the greatest emperor not only of India but of the …

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अशोक के “धम्म” के मुख्य सिद्धांत बताइए। इसका उसकी नीति पर क्या प्रभाव पड़ा ?

अशोक के “धम्म” के मुख्य सिद्धांत बताइए। इसका उसकी नीति पर क्या प्रभाव पड़ा ? Describe the main principles of Ashoka’s Dhamma. How did it influence his policy ? (ख) …

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अशोक के धम्म के मूल तत्त्वों एवं उसके स्वरूप का विवेचन कीजिए।

प्रश्न 25. अशोक के धम्म के मूल तत्त्वों एवं उसके स्वरूप का विवेचन कीजिए। Discuss the nature and contents of Ashoka’s Dhamma. अथवा अशोक के “धम्म” के मुख्य सिद्धांत बताइए। …

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विजेता , सुधारक एवं प्रशासक के रूप में अशोक के कार्यों का आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए।

विजेता , सुधारक एवं प्रशासक के रूप में अशोक के कार्यों का आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। Critically analyse the deeds of Ashoka as Conqueror reformer and an administrator. अथवा अशोक का …

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अशोक और उसके साम्राज्य का विस्तार, धम्म अथवा दया का कानून, धर्म प्रचार और मौर्य प्रशासन

अशोक और उसके साम्राज्य का विस्तार, धम्म अथवा दया का कानून, धर्म प्रचार और मौर्य प्रशासन (Ashoka – The Extent of his empire, Dhamm or Law of Piety, Missionary activity …

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कौटिल्य के अर्थशास्त्र के अनुसार न्याय व्यवस्था

न्याय व्यवस्था – कौटिल्य ने एक सुव्यवस्थित न्याय व्यवस्था का विधान किया है। न्याय प्रदान करने के लिए न्यायाधिकरण होते थे। न्यायाधीशों को धर्मस्थ कहते थे और उनका पद अमात्य …

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कौटिल्य के अर्थशास्त्र मे मंत्रिपरिषद का वर्णन

मंत्रि परिषद – कौटिल्य ने राजा की निरंकुशता एवं मनमानी पर अंकुश रखने के लिए विधान किया है कि राजा मंत्रि परिषद की राय से कार्य करे। कौटिल्य के मतानुसार …

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Arthshastra (अर्थशास्त्र ) me rajya ke prakar

राज्य के प्रकार – अर्थशास्त्र में प्रधान राजतंत्र को सर्वश्रेष्ठ माना गया है और इसमें राजतंत्र के संगठन से सम्बन्धित ही विचार प्रकट किये गये हैं। इस प्रकार की शासन …

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कौटिल्य ka अर्थशास्त्र and its importance in indian history

डा. थापर का कथन है कि दोनों में से कौन सा रूप पहले का है यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता क्योंकि पूर्ववर्ती कृतियों में श्लोक व सूत्र …

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कौटिल्य – अर्थशास्त्र

ओर पुर्वाचार्यो के ग्रंथों का अध्ययन करके यह ग्रंथ लिखा गया है। द्वितीय अर्थशास्त्र की सीमा इतनी व्यापक है कि उससे सभी विषय सम्बन्धित होते हैं। दूसरा विरोधी तर्क भी …

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